Friday, August 18, 2023

पुत्रता

 पुत्र किसे कहते है ?? ध्यान से सुनिये


पुत्र के तीन कर्तव्य हैं -----

(१) जीवितो वाक्य करणात्  (२) क्षयाहे भूरि भोजनात् 

(३) गयायां पिण्ड दानाच्च(४) त्रिभिर्पुत्रश्च पुत्रता ।

----- १) जब तक माता - पिता जीवित रहें तब तक पुत्र का कर्तव्य है कि सदा उनकी आज्ञा का पालन करे , आज्ञा पालक बन कर रहे ।

ये नहीं कि जीवितावस्था में खूब दु:ख दिया गया और मरने के बाद दिल खोलकर खर्च ,  दान, पिण्ड आदि ----तो ऐसा करना सब निष्फल होता है , ऐसा करना  मात्र दिखावा है ।

 २ ) माता - पिता के मरणोपरांत अपने बंधु बांधव  को श्रद्धा के साथ भोजन करावे ।

 ३) फिर सुसमय पाकर गया में जाकर पिण्ड दानादि कर उसे तृप्त करे ।

इन तीन कर्मों के करने पर ही पुत्र की पुत्रता है 

अन्यथा पुत्र की पुत्रता निष्फल है , व्यर्थ है ।

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